दिल्ली : हिंदू कालेज में दीपक सिन्हा स्मृति व्याख्यान
इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और हिंदी विभाग के पूर्व शिक्षक डॉ॰दीपक सिन्हा को श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई। उसके बाद हिंदी विभाग के पूर्व शिक्षक प्रो रामेश्वर राय ने दीपक सिन्हा के बारे में संस्मरणात्मक टिप्पणी की। प्रो राय ने शिक्षक होने का अर्थ बताते हुए कहा कि शिक्षक होने के बाद और कुछ होना शेष नहीं रहता। शिक्षक होने एवरेस्ट की चोटी पर खड़ा होना है ,जहाँ से आप छलाँग तो लगा सकते हो, पर ऊपर नहीं जा सकते। उन्होंने कहा कि दीपक सिन्हा ऐसे ही उदार मनुष्य और बड़े शिक्षक थे। आयोजन में हिंदी साहित्य सभा की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का परिचय भी विभाग प्रभारी प्रो बिमलेंदु तीर्थंकर ने दिया। प्रो तीर्थंकर ने कहा कि सवा सौ सालों से अधिक समय से कार्यरत हिन्दी विभाग की इस सभा में भारतीय साहित्य के महान और मूर्धन्य हस्ताक्षर समय समय पर आए हैं। आभार प्रदर्शन के साथ आयोजन का समापन हुआ।
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